दीवाली से पहले ही दिल्ली में बिछी धुंध की चादर, प्रदूषण सुरक्षित सीमा से 20 गुना अधिक

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दिल्ली में वायु प्रदूषण

नई दिल्ली: दिवाली (दीवाली/ दीपावली) में अभी दो दिन हैं, मगर दिल्ली अभी से ही गैस चैंबर बन गई है. दिल्ली में सोमवार की सुबह मोटा धुंध छाया रहा और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई. दिवाली से दो दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता में गिरावट को लेकर मौसम अधिकारियों की चेतावनी के बीच आज सुबह धुंध की चादर दिखी. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदूषक तत्व पीएम 2.5 का स्तर दक्षिण दिल्ली के ओखला निगरानी स्टेशन पर आज सुबह 644 था, जो गंभीर स्थिति की कैटेगरी में आता है. यानी दिल्ली में वायु प्रदूषण, सुरक्षित सीमा से 20 गुना अधिक है. बता दें कि पीएम 2.5 बारिक कण होते हैं, जो फेफड़ों में प्रवेश कर सकते हैं और श्वसन रोगों का कारण बन सकते हैं.
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दिल्ली-NCR में खतरनाक स्तर पर प्रदूषण पहुंच चुका है. मंदिर मार्ग पर एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 707, मेजर ध्यानचंद नैशनल स्टेडियम पर 676 और जवाहर लाल नेहरु स्टेडियम पर 681 हुआ. वहीं, लोधी रोज इलाके में खराब स्थिति में है. बता दें कि यह हवा का बहुत खतरानक स्तर है.

#Delhi's Mandir Marg at 707, Major Dhyan Chand National Stadium at 676 & Jawaharlal Nehru stadium at 681 under 'Hazardous' category in Air Quality Index pic.twitter.com/ZXTCZdFmRt

— ANI (@ANI) November 5, 2018

दिल्ली के राजपथ की कुछ तस्वीरें…

Thick layer of smog blankets Rajpath in #Delhi (Early morning visuals) pic.twitter.com/SusJqJJfYv

— ANI (@ANI) November 5, 2018

रविवार के मुकाबले आज सड़कों पर दृश्यता सुबह कम थी. बता दें कि दिल्लीवालों ने रविवार को चैन की सांस ली जब हवा की रफ्तार बढ़ने से और सरकार द्वारा लागू नियंत्रण उपायों के कारण वायु गुणवत्ता में काफी सुधार आया.
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एयर क्वॉर्टर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च या सैफार के केंद्र संचालित प्रणाली के एक अधिकारी ने बताया, एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) आज बहुत खराब की निम्न सीमा में रहने की संभावना है, वातावरण अपेक्षाकृत साफ होगा.
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केन्द्र द्वारा संचालित ‘सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फारकास्टिंग एंड रिसर्च' के एक अधिकारी ने कहा कि वायु गुणवत्ता में सुधार का कारण सतह पर वायु की गति पांच किलोमीटर प्रति घंटे तक बढना है. यह प्रदूषण करने वाले तत्वों को बहा ले गया. इसके अलावा अधिकारियों द्वारा उठाए गए नियंत्रण उपायों ने भी इसमें योगदान दिया.
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टिप्पणियां इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉफिकल मेटरलॉजी ने कहा कि गुरुवार की तुलना में शनिवार को भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में वायु प्रदूषण के स्रोत मसल पराली जलाना और अन्य स्रोत के प्रदूषण तत्व कम थे मगर आज पीएम 2.5 में अचानक आई वृद्धि की वजह से चेतावनी जारी की गई है.
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