दिल्ली-NCR में प्रदूषण के मुद्दे पर केंद्र की बैठक में सिर्फ केजरीवाल के मंत्री पहुंचे, मगर 4 राज्यों के नहीं

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दिल्ली में वायु प्रदूषण पर बैठक (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: दिल्ली को गैस चैंबर बनने से बचाने के लिए गुरुवार को केंद्र की ओर से एक बैठक बुलाई गई और इसमें सभी संबद्ध राज्यों को आमंत्रित किया गया. केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण की गहराती समस्या से निपटने के लिए गुरुवार को सभी संबद्ध राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में दिल्ली को छोड़कर पंजाब और हरियाणा सहित किसी अन्य राज्य के मंत्री के नहीं आने पर क्षोभ व्यक्त करते हुये कहा है कि वह राज्य सरकारों से इस बारे में बात करेंगे.
डॉ. हर्षवर्धन ने बैठक के बाद संवादाताओं को बताया कि बैठक में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन के अलावा दिल्ली के मुख्य सचिव और पर्यावरण सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. वहीं पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के पर्यावरण मंत्री बैठक में नहीं आये. प्रदूषण की लगातार गहराती समस्या के बावजूद इस मामले में राज्य सरकारों की संवेदनहीनता के सवाल पर डा. हर्षवर्धन ने कहा ‘बैठक के दौरान मैंने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से बात करने की कोशिश की लेकिन शायद विदेश में होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी. मैं इस विषय पर राज्य सरकारों से बात करूंगा.'
उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने एनसीआर के पांच शहरों दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद में हवा की लगातार खराब हो रही गुणवत्ता के मद्देनजर संबद्ध राज्य सरकारों के साझा प्रयासों की समीक्षा के लिये गुरुवार को पयार्वरण मंत्रियों की बैठक बुलाई थी. बैठक में मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली के अलावा शेष राज्यों की पर्यावरण नियंत्रण समितियों के इंजीनियर स्तर के अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया.
सूत्रों के अनुसार डॉ. हर्षवर्धन ने राज्यों के इस रवैये पर बैठक के दौरान नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने बताया कि पांचों शहरों में वायु प्रदूषण संबंधी मानकों के पालन की निगरानी के लिये मंत्रालय द्वारा गठित 41 निगरानी दलों के गत 15 सितंबर से जारी अभियान की रिपोर्ट में किसी भी शहर का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा. इन शहरों में समस्या और उसके कारणों को दूर करने के उपायों एवं प्रदूषण मानकों के पालन की दर बेहद कम दर्ज की गयी.
रिपोर्ट के अनुसार मानकों के पालन की दर नोएडा में 7.36 प्रतिशत, फरीदाबाद में 5.01 प्रतिशत, दिल्ली में 4.06 प्रतिशत, गाजियाबाद में 3.70 प्रतिशत और गुरुग्राम में 3.93 प्रतियशत दर्ज की गयी.
टिप्पणियां उन्होंने पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की शिकायतों में भी 25 अक्तूबर तक 30 प्रतिशत तक की गिरावट को नाकाफी बताते हुये कहा ‘‘हमें इतने मात्र से संतुष्ट नहीं होना चाहिये। अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है.' बैठक के बाद डा. हर्षवर्धन ने अगले दस दिन तक इन पांच शहरों में चलने वाले स्वच्छ वायु अभियान को हरी झंडी दिखाई. इसके तहत केन्द्र और सभी पांच राज्य सरकार के संबद्ध विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी वाले 52 निगरानी दल लगातार पांच शहरों में प्रदूषण मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के लिये औचक निरीक्षण करेंगे. इसके अलावा दिल्ली सरकार और तीनों नगर निगम के अधिकारियों के 70 दल दिल्ली में अलग से निगरानी अभियान चलायेंगे.
इन दलों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले को पहले नोटिस दिया जाये. दो दिन तक इसका पालन नहीं करने पर चेतावनी नोटिस और इसके दो दिन बाद भी पालन सुनिश्चित नहीं होने पर उल्लंघनकर्ता और संबद्ध जिम्मेदारी एजेंसी के खिलाफ आपराधिक मुकदमे की कार्रवाई शुरु की जाये.
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