तमिलनाडु के गांव से सियासत तक का सफर कुछ यूं तय किया पी चिदंबरम ने 

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तमिलनाडु के छोटे से गांव में पैदा हुए थे पी चिदंबरम

नई दिल्ली:

आईएनएक्स मीडिया (INX Media Case) मामले में आरोपी पी चिदंबरम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री रह चुके हैं. पी चिदंबरम का जन्म 16 सितंबर 1945 को तमिलनाडु के एक छोटे से गांव कनाडुकथन में हुआ था. उनका पूरा नाम पलानीअप्पन चिदंबरम है. पूर्व वित्त मंत्री ने अपनी शुरुआती शिक्षा चेन्नई स्थित मद्रास क्रिश्चियन सेकेंडरी स्कूल से की है. उन्होंने चेन्नई से ही प्रेसिडेंसी कॉलेज से विज्ञान में स्नातक की डिग्री ली है. जबकि बोस्टन के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट में उन्होंने अपनी मास्टर की डिग्री हासिल की है. बता दें कि पी चिदंबरम राजनीतिक के अलावा पेशे से वकील भी हैं. उन्होंने वर्ष 1972 में भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्यता ग्रहण की. जबकि वह 1984 में तमिलनाडु के शिवगंगा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीतने के साथ पी चिदंबरम सक्रिय राजनीति में आए. खास बात यह है कि इस सीट से वह छह बार चुनाव जीते हैं.

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पी चिदंबरम को पहली बार 1986 में मंत्री बनाया गया था. उस समय उन्हें लोक-शिकायत व पेंशन मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई. इसके बाद इसी साल उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय में आंतरिक सुरक्षा मंत्री का पदभार दिया गया. वर्ष 2004 में मनमोहन सरकार में उन्हें वित्त मंत्रालय का काम सौंपा गया. इस पद पर वह 2008 तक रहे. साल 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद उस समय गृहमंत्री शिवराज पाटिल के इस्तीफे के बाद पी चिदंबरम को ही गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई. जबकि वर्ष 2012 में प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद एक बार फिर उन्हें वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी गई.

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बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम पर आरोप है कि वित्त मंत्री रहते विदेशी निवेश को मंज़ूरी दी गई. CBI ने इस मामले में उनके बेटे कार्ति को गिरफ़्तार किया था और फ़िलहाल ज़मानत पर है.कार्ति पर 2007 में आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाने के लिए पैसे लेने का आरोप है. उस वक्त उनके पिता संप्रग सरकार में वित्तमंत्री थे. सीबीआई ने पिछले साल 15 मई को मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी. सीबीआई का आरोप है कि आईएनएक्स मीडिया को मंजूरी दिलाने में अनियमितताएं बरती गईं और 305 करोड़ रुपये विदेशी निवेश हासिल किया गया. सीबीआई ने शुरू में आरोप लगाया था कि एफआईपीबी मंजूरी को सुविधाजनक बनाने के लिए कार्ति को रिश्वत के रूप में 10 लाख रुपये मिले थे. सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय मामले की जांच कर रही है.

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मंगलवार को आईएनएक्स मीडिया (INX Media Case) मामले में कोर्ट ने उन्हें राहत न देते हुए उनकी अग्रिम जमानत की दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया है. याचिका खारिज होने के बाद अब पी. चिदंबरम (P Chidambaram) पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. इसके बाद पी चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. चिदंबरम के वकील जब तक सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, कोर्ट उठ चुकी थी. इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट के ज्वाइंट रजिस्ट्रार के पास गए.कोर्ट ने 25 जनवरी को इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था. जिरह के दौरान सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय दोनों ने ही चिदंबरम की अर्जी का इस आधार पर विरोध किया था कि उनसे हिरासत में पूछताछ जरूरी है क्योंकि वह सवालों से बच रहे हैं.

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