डॉक्टर से कार की वारंटी बढ़वाने के नाम पर पहले लिया 2100 रुपये का चेक, फिर कुछ इस तरह लगाई लाखों की चपत 

1
- Advertisement -

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों ठगी चरम पर है. दिल्ली पुलिस भी ऐसे अपराधियों के आगे बौनी साबित हो रही है. ताजा मामला शाहदरा जिले का है जहां एक डॉक्टर से वारंटी बढ़वाने के नाम पर चेक लेने के बाद आरोपियों ने पीड़त के बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए. इस मामले में पुलिस को शिकायत देने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है. आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. गौरतलब है कि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी राजधानी दिल्ली में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं. दिल्ली में ऐसे कई गिरोह सक्रिय हैं जो पहले इश्यूरेंस कराने या एलआईसी में फंसे पैसे को निकालने के नाम पर आम लोगों से लाखों रुपये की ठगी करते हैं.
यह भी पढ़ें: लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दिल्ली पुलिस ने 3 को पकड़ा
पीड़ित स्वेता खुराना ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास हुंडई मोटर्स के नाम से एक युवक ने फोन किया और बोला कि आपके कार की वारंटी अगले कुछ दिनों में खत्म होने वाली है. अगर आप चाहतीं हैं कि आपके कार की वारंटी बढ़ाई जाए तो आपको 2150 रुपये का चेक देना होगा. स्वेता ने बताया अगले दिन वह युवक उनके घर चेक लेने आया. चेक लेने के बाद उसने बोला कि कंपनी की तरफ से पहले आपके एक्सटेंडेड वारंटी का पेपर भेजा जाएगा इसके बाद ही वह इस चेक को बैंक में लगाएगा. युवक द्वारा चेक लेकर जाने के अगले दिन ही मेरे खाते से 1.35 लाख रुपये निकाल लिए गए. इसकी सूचना मैंने तुरंत आनंद विहार थाना पुलिस और बैंक को दी. लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है.वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में फिलहाल जांच चल रही है.
यह भी पढ़ें: पहले ब्याज को बताया हराम, फिर धर्म की आड़ में ठग लिये 4 हजार करोड़, जानें पूरा मामला
पुलिस कर रही है ताल-मटोल
पीड़ित डॉक्टर स्वेता खुराना का आरोप है कि घटना के बाद से पुलिस का रवैया इस पूरे मामले को रफा-दफा करने जैसा रहा है. उन्होंने बतााय कि इस मामले मे वह इलाके की डीसीपी से भी मिल चुकीं है लेकिन इन सब के बावजूद भी अभी तक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं.स्वेता ने बताया कि पुलिस ने इस मामले के प्रकाश में आने के बाद कई दिनों तक बैंक से भी संपर्क नहीं किया.
टिप्पणियांबैंक कर्मियों के मिले होने की आशंका
स्वेता खुराना ने बताया कि इस मामले में उन्हें शक है कि संबंधित बैंक जहां से इस चेक की मदद से खाते से पैसे निकाले गए वहां का कोई कर्मचारी भी आरोपियों से मिला हुआ है. इसकी वजह आरोपियों द्वारा चेक में 1.35 लाख रुपये भरना है. आखिर आरोपी को यह पता कैसे चला कि उनके खाते में इतनी या इससे ज्यादा रकम है. कोई चेक बुक की मदद से खाते में कितनी रकम है इसका पता तभी लगा सकता है जब कोई बैंक कर्मी उसे इसकी जानकारी दे.
VIDEO: हलाल कमाई के नाम पर घोटाला.
चेक देते समय रखें इन बातों का ख्याल
स्वेता ने बताया कि जब वह खाते से पैसे निकलने के बाद बैंक पहुंची तो बैंककर्मियों ने उनसे यह पूछा कि चेक पर किसके कलम से जानकारियां भरी गई थी. जब उन्होंने बताया कि आरोपी युवक ने अपने कलम से ही चेक पर जानकारी भरी तो बैंक कर्मी ने कहा कि अब कुछ नहीं किया जा सकता. जानकारों के अनुसार इस तरह का गिरोह लोगों से ठगी करने के लिए ऐसे कलम का इस्तेमाल करता है, जिसकी स्याही को बाद में वह मिटा या हटाकर अपने हिसाब से जानकारी भर सके. ऐसे में अगर आप भी किसी को अपने चेक देते हैं तो कोशिश कीजिए कि उसे अपनी कलम से ही भरें और चेक देने से पहले उस युवक और कंपनी के बारे में जानकारी जुरूर जुटा लें.
Source Article

- Advertisement -