जामिया हिंसा: छात्रों की रिहाई के साथ फिलहाल थम गया बवाल, जानिए इस घटनाक्रम की 11 खास बातें

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पुलिस ने सभी 50 प्रदर्शनकारी छात्रों को छोड़ दिया है.

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ दिल्ली के जामिया नगर में रविवार शाम हुआ विरोध प्रदर्शन तब बेकाबू हो गया जब कुछ लोग हिंसा और आगज़नी पर उतर आए. जामिया नगर से लगे सराय जुलैना के पास कुछ अज्ञात लोगों ने डीटीसी की तीन बसों को आग के हवाले कर दिया, वहां खड़ी कई बसों और फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी में तोड़ फोड़ की. इस प्रदर्शन में जामिया मिल्लिया के छात्र तो शामिल थे, उनके साथ कई और लोग भी वहां मौजूद थे. लेकिन आगज़नी और तोड़फोड़ किसने की ये अभी साफ़ नहीं हो पाया है. पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में भी लिया है. उन छात्रों को छुड़ाने और पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ बड़ी संख्‍या में छात्रों ने दिल्‍ली पुलिस मुख्‍यालय के सामने प्रदर्शन किया. जामिया हिंसा की 11 खास बातें

  1. कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की जामिया मिल्लिया इस्लामिया के समीप न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में पुलिस के साथ झड़प हो गई, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने डीटीसी की चार बसों और दो पुलिस वाहनों में आग लगा दी। झड़प में छात्रों, पुलिसकर्मियों और दमकलकर्मी समेत करीब 60 लोग घायल हो गए.
  2. पुलिस ने हिंसक भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े लेकिन उन पर गोलियां चलाने की बात से इनकार किया. हालांकि, सोशल मीडिया पर पुलिस की कथित गोलीबारी, विश्वविद्यालय के बाथरूम में घायल छात्रों की वीडियो के साथ उनके खून निकलने की फुटेज चल रही है। लेकिन दिल्ली पुलिस ने झड़पों के दौरान किसी के हताहत होने की खबरों से इनकार किया है.
  3. सड़कों पर आगजनी के बाद पुलिस जामिया विश्वविद्यालय के परिसर में घुस गई जहां हिंसा में कथित तौर पर शामिल होने को लेकर कई लोगों को हिरासत में ले लिया. हालांकि, जामिया छात्र संघ ने बयान जारी कर नागरिकता अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से खुद को अलग कर लिया है. छात्रों के समूह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में ‘कुछ खास तत्व' शामिल हो गए और उन्होंने इसे ‘बाधित' किया.
  4. छात्रों ने बताया कि उनके कई साथियों को विश्वविद्यालय के पुस्ताकालयों में छिपना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस वहां भी घुस गई और उन पर हमला किया. पुलिस के साथ युवक छात्रावासों से बाहर आते दिखे जिनके हाथ ऊपर की तरफ उठे हुए थे.
  5. जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ ‘आपात' प्रदर्शन के तौर पर रविवार देर रात को सैकड़ों छात्र आईटीओ पर स्थित दिल्ली पुलिस के पुराने मुख्यालय पर पहुंच गए. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाए और विश्वविद्यालय में घुसने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. जेएनयू छात्र संघ के इस प्रदर्शन में जामिया, अंबेडकर विश्वविद्यालय के और अन्य छात्र भी शामिल हो गए. प्रदर्शनकारियों ने मुख्यालय जाने वाली सभी सड़कों को अवरुद्ध कर दिया.
  6. जामिया के छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ ‘‘अपराधियों के जैसा बर्ताव'' किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को धकेला और उनके साथ कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी. हिंसा और दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन बंद होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के समीप हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर कई घंटों तक 13 स्टेशनों के प्रवेश एवं निकास द्वार बंद कर दिए.
  7. हिंसा के तुरंत बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया के चीफ प्रॉक्टर वसीम अहमद खान ने रविवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस के कर्मी बगैर इजाजत के जबरन विश्वविद्यालय में घुस गये और कर्मचारियों तथा छात्रों को पीटा तथा उन्हें परिसर छोड़ने के लिए मजबूर किया. विश्वविद्यालय की कुलपति नजमा अख्तर ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि पुस्तकालय के भीतर मौजूद छात्रों को निकाला गया और वे सुरक्षित हैं.
  8. पुलिस उपायुक्त (दक्षिणपूर्व) चिन्मॉय बिस्वाल ने कहा कि जामिया की ओर से आ रहे लोग न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के समीप एकत्रित हुए और सड़क को अवरुद्ध कर दिया. करीब 1,500 प्रदर्शनकारियों ने इलाके को खाली करने की पुलिस की अपील नहीं मानी. पुलिस ने उन्हें खदेड़ने की कोशिश की जिसके बाद कुछ ने दोपहर करीब साढ़े तीन बजे आगजनी की. उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान चार बसों और दो पुलिस वाहनों को जला दिया गया. उन्होंने कहा कि इसमें छह पुलिसकर्मी और दमकलकर्मी घायल हुए हैं. उन्होंने गोलियां चलाए जाने के बारे में किए जा रहे दावों को खारिज कर दिया.
  9. दक्षिण दिल्ली में हिंसा होने के मद्देनजर डीएमआरीस ने जीटीबी नगर, शिवाजी स्टेडियम, पटेल चौक और विश्वविद्यालय समेत कई मेट्रो स्टेशनों के गेट रविवार शाम को कई घंटों के लिए बंद कर दिए. सूत्रों ने बताया कि जामिया मिलिया इस्लामिया के समीप नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच झड़प में करीब 35 घायल विद्यार्थियों को समीप के अस्पताल ले जाया गया. होली फैमिली अस्पताल के निदेशक फादर जॉर्ज पीए ने कहा, ‘‘हमारे पास विश्वविद्यालय के छात्र और दो पुलिसकर्मी भी आए हैं जिन्हें चोटें, खरोंचें आयी हैं. इनमें से ज्यादातर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.''
  10. नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के हिंसक हो जाने पर स्थिति से निपटने के पुलिस के तौर तरीके के खिलाफ विरोध प्रकट करने के लिए पुराने दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर बहुत सारे लोग पहुंच गये. आईटीओ इलाके में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई की मांग को लेकर ये लोग प्रदर्शन कर रहे थे.
  11. हिरासत में लिए गए जामिया मिल्लिया के 50 प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस ने सोमवार को तड़के 3 बजे छोड़ दिया. 35 छात्रों को कालकाजी पुलिस स्टेशन से और 15 छात्रों को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन से छोड़ा गया.​

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