चुनाव में हार के डर से BJP दिल्ली के लोगों के वोट कटवा रही है : मनीष सिसोदिया

1
- Advertisement -

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (फाइल फोटो).

नई दिल्ली: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह बेहद ही चौंकाने वाला है कि कल चुनाव आयोग के साथ हुई मीटिंग में चुनाव आयुक्त ने खुद कहा था कि दिल्ली में लगभग 10 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं और लगभग 13 लाख लोगों के नाम उस सूची में जोड़े गए हैं. परंतु बाद में चुनाव आयोग की तरफ से एक प्रेस नोट जारी करते हुए यह कहा गया कि हमने ऐसी कोई बात नहीं कही. जबकि उस मीटिंग में मौजूद सभी लोग इस बात के गवाह है कि चुनाव आयुक्त ने यह बात कही थी.
जैसा कि कल मुख्यमंत्री साहब ने भी कहा था कि दिल्ली में चुनाव आयोग के कुछ अधिकारी भाजपा के नेताओं के साथ मिलकर अनाप-शनाप कारण दर्शाकर मतदाता सूची से जबरदस्ती दिल्ली के वोटर्स के नाम काट रहे हैं. हमने कुछ जगहों पर अपने कार्यकर्ताओं से छानबीन करवाई तो पता चला कि जिन लोगों के नाम यह कहकर काटे गए हैं कि वह लोग यहां से शिफ्ट हो गए हैं वह सभी लोग आज भी उसी पते पर रहते हैं. तो किस आधार पर बीएलओ ने उनके नाम मतदाता सूची से काट दिए.
मुख्य सचिव से मारपीट का मामला: अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी विधायकों को मिली कोर्ट से जमानत
सिलसिलेवार ढंग से काटे गए नामों का डाटा बताते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि पटपड़गंज विधानसभा से 24000 कोंडली विधानसभा से 27500, विश्वास नगर विधानसभा से 14000, लक्ष्मी नगर विधानसभा से 22000 और गांधीनगर विधानसभा से 13,000 मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं. अगर 15000 की एवरेज के हिसाब से भी देखा जाए तो दिल्ली की 70 विधानसभाओं में लगभग साढे दस लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं. जो कि चुनाव आयुक्त के कल के बयान से बिल्कुल मेल खाता है.
दिल्ली में पराली जलाने से प्रदूषण के मुद्दे पर सिसोदिया, सुखबीर और अमरिंदर आमने-सामने
मनीष सिसोदिया ने कहा कि चुनाव आयोग ने जो लिस्ट अपनी वेबसाइट पर डाली है उसमें से कुछ डाटा पर हमने अपने कार्यकर्ताओं से एक जांच करवाई जांच के दौरान पता चला कि बहुत सारे ऐसे लोगों के नाम यह कहकर काट दिए गए हैं कि वह यहां से जा चुके हैं जबकि वह सब अभी भी उसी पते पर रहते हैं सबूत के तौर पर मनीष सिसोदिया ने 9 लोगों के नाम की एक लिस्ट मीडिया को दी जो नाम निम्न प्रकार से हैं….
ज़कारिया खान-बूथ नम्बर 160,
स्वाति- बूथ नम्बर 8,
रामवर्धन सिंह- बूथ नम्बर – 83,
मो. नौशाद- बूथ नम्बर – 83,
पूजा गुप्ता- बूथ नम्बर-83,
धर्मेंद्र- बूथ नम्बर – 83,
सुनील कुमार- बूथ नम्बर- 83,
धर्मेश- बूथ नम्बर- 35,
ईशान गुप्ता- बूथ नम्बर -35

दिल्‍ली : डीटीसी और क्‍लस्‍टर बसों में करें मेट्रो कार्ड का इस्तेमाल, मिलेगा 10 परसेंट का डिस्‍काउंट
टिप्पणियां लोकतंत्र में वोट डालने का अधिकार एक नागरिक का संवैधानिक अधिकार होता है. चुनाव आयोग के इस षड्यंत्र ने इन साढे दस लाख लोगों का संवैधानिक अधिकार छीन लिया है. क्या चुनाव आयोग किसी एक पार्टी को जिताने के लिए लोगों के संवैधानिक अधिकार गैर कानूनी तरीके से छीन सकता है. ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी की बी टीम के रूप में काम कर रहा है.
VIDEO: अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया पर चार्जशीट
भारत दुनिया में सबसे बड़े लोकतंत्र के तौर पर जाना जाता है. इस लोकतंत्र में चुनाव आयोग की साख को टीएन सेशन और एस वाई कुरैशी जैसी महान शख्सियतों ने पूरी दुनिया के अंदर एक मुकाम तक पहुंचाया है. मेरा चुनाव आयुक्त से यह विनम्र निवेदन है कि देश और दुनिया के सामने चुनाव आयोग की साख को धूमिल ने किया जाए. गैर कानूनी तरीके से जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं, चाहे आपको इसके लिए पूरी मुहिम चलानी पड़े, उन लोगों के नाम दोबारा से मतदाता सूची में डाले जाएं और इस गैर कानूनी कृत्य के लिए जो अधिकारी दोषी हैं उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए.
Source Article

- Advertisement -