गुरुग्राम फरीदाबाद रोड पर स्थित बंधवाड़ी गांव जानिए कैसे बन रहा मिसाल ?

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बंधवाड़ी गांव में बदलाव लाने में जुटी है एक गैर सरकारी संस्था.

नई दिल्ली: गुरुग्राम फरीदाबाद रोड पर स्थित एक गांव है बंधवाड़ी. जिसकी आबादी लगभग चार हज़ार है . इस गांव में मध्यम दर्जे के लोग रहते है . ये गांव इसलिए धीरे-धीरे अपने आप में मिसाल बनता जा रहा है क्योकि इस गांव में जो सरकार को करना चाहिए वो काम एक गैर सरकारी संस्था 'दी अर्थ सेवियर्स फ़ाउंडेशन' के अध्यक्ष रवि कालरा अपनी टीम के साथ कर रहे है. गांव में स्कूल की चारदीवारी अगर गिर जाये तो सरकारी अनुदान की कोशिश से पहले वहां के लोग रवि कालरा से इस उम्मीद से संपर्क करते है. यही नहीं इसके अलावा अन्य गांव के कामो के लिए वो रवि कालरा के पास जाना बेहतर समझते है , उनकी इसी उम्मीद ने गांव में स्थित स्कूल की चार दिवारी के साथ प्रिंसिपल का ऑफिस बनवाना , पौधरोपण, समय समय पर विधार्थियों को प्रसिद्ध स्थानों का भ्रमण करवाने , वार्षिक खेल उत्सव का आयोजन करवाने ,पानी का बोरिंग करवाने के साथ पूरे गांव को अपनी मेहनत से विकास की राह पर लाने में जुटे है और उनके साथ वहां की जनता उनको अपना रहनुमा मानती है . इस दीपावली से पहले रवि कालरा अपनी पूरी के साथ गांवों में गए जहां उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ गांव के लोगो को गिफ्ट देकर पर्व मनाया.
बंधवाड़ी गांव के रहने वाले बलराज कहते है की गावों में स्थित राजकीय उच्च्तम माध्यमिक विधालय जिसमे लगभग आठ सौ विधार्थियों है इस दीपावली को मनाने के लिए उन्होंने पिछले वर्ष की तरह अपने गैर सरकारी संस्था दी अर्थ सेवियर्स फ़ाउंडेशन के माध्यम से छात्रों के साथ , अध्यापक व अध्यापिकाओं को आकर्षक उपहार जिसमे आकर्षक लंच टिफिन बॉक्स, मेडिकल किट व डेंटल किट दिए, गिफ्ट बाटते वक्त खास बच्चों की ख़ुशी देखने लायक होती है. भीम कहते हैं की गांवों में रहने वाले आनंद के मकान की छत गिर गयी, आर्थिक रूप से परेशान आनंद की खबर जैसे कालरा की टीम को लगी वह खुद आकर उस मकान की मरम्मत के अलावा उसकी छत बनवा दी, आज सरकार शौचालय बनाने पर ज़ोर दे रही है लेकिन दी अर्थ सेवियर्स फ़ाउंडेशन ने गांव में कई शौचालय अपने फंड से बनवाया जिसका इस्तेमाल गांव की जनता करती है.
कक्षा 7 में पढ़ने वाली सरोज कहती हैं कि मै कभी जहाज़ में नहीं गयी और न ही मुंबई या आगरा कभी घूमने जाने का इत्तेफ़ाक़ हुआ , मेरा ये सपना सपना ही रह जाता अगर रवि सर मेरे साथ और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चो को जहाज़ से मुंबई ना ले जाते , मैंने मुंबई में वो सारी जगहें देखी जो सपनो में देखा करती थी, जेब खर्च के लिए 2 हज़ार रुपया भी दिया, जो मेरे लिए मेरी हैसियत से बाहर की बात थी, मै उन्हें भगवान का दर्जा देती हूं, गौरतलब है कि दी अर्थ सेवियर्स फ़ाउंडेशन बंधवाड़ी गांव में वृद्ध व बेसहारा लोगों कि नि:स्वार्थ सेवा करने के साथ साथ बंधवाड़ी स्थित राजकीय उच्च्तम विद्यालय के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है.
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टिप्पणियां सादगी से ज़िन्दगी जीने वाले रवि कालरा से जब एनडीटीवी ने जब इस गांव के बारे में पूछा तो भावुक हो गए ,.उनका कहना है की सरकार की तरफ से आज तक 11 साल से कोई मदद नहीं मिली , लेकिन लगातार आ रही परेशानी के बाद भी वो पीछे नहीं हटने वाले . वह कहते हैं- वैसे तो हम राजनैतिक व्यक्ति नहीं हैं लेकिन मैंने बंधवाड़ी गांव को विकसित करने की ठानी है. उन्होंने कहा कि 450 बेसहारा लोगो को बेहतर ज़िन्दगी देने की मेरी कोशिश कई बार दम तोड़ती नज़र आती है लेकिन टीम की हिम्मत से दोबारा हम लोग नयी शक्ति के साथ लग जाते है .
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