गरीब सवर्णों को आरक्षण का मामला, विधेयक पास कराने के लिए राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ी

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राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ाकर नौ जनवरी तक कर दी गई है.

नई दिल्ली :

नरेंद्र मोदी सरकार (PM Modi Govt) ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को सरकारी नौकरी में आरक्षण (Quota for Upper Castes) देने के फैसले के बाद संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ाकर नौ जनवरी तक कर दी गई है. बताया जा रहा है कि आरक्षण के लिए प्रस्तावित विधेयक पेश के लिए ही राज्यसभा की कार्यवाही में एक दिन का विस्तार किया गया है. सूत्रों ने बताया कि राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सरकार के अनुरोध पर सहमति जताकर उच्च सदन की कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ा दी. बीते 11 दिसंबर को शुरू हुआ संसद का शीतकालीन सत्र मंगलवार (आठ जनवरी) को खत्म होने वाला था.

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आपको बता दें कि मोदी सरकार (PM Modi Govt) ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को सरकारी नौकरी में आरक्षण (Quota for Upper Castes) देने का फैसला किया है. सवर्णों को सरकारी नौकरी और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा, यह आरक्षण 50 फीसदी की सीमा से अलग होगा. केंद्रीय कैबिनेट ने सोमवार को इस संशोधन को मंजूरी दे दी. अब सरकार इससे जुड़ा विधेयक मंगलवार को लोकसभा और बुधवार को राज्यसभा में लाने की तैयारी में है. कांग्रेस और कुछ अन्य पार्टियां आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण संबंधी विधेयक का समर्थन करने की बात कह चुकी है, ऐसे में यह विधेयक निचले सदन लोकसभा में आसानी से पारित हो जाने की संभावना है और फिर अगले दिन बुधवार को यह विधेयक राज्यसभा में लाया जाएगा.

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गौरतलब है कि सरकार के इस फैसले के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, बहुत देर कर दी मेहरबां आते-आते'. उनके इस रुख से अभी अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्या कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को समर्थन करेगी. हालांकि हरीश रावत ने यह भी कहा कि वह कोई भी जुमला दें लेकिन अब इस सरकार को कोई नहीं बचा सकता है. वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा, 'आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण जातियों के लिये मोदी सरकार ने 10% आरक्षण का स्वागत योग्य चुनावी जुमला छोड़ दिया है,ऐसे कई फ़ैसले राज्यों ने समय-समय पर लिये लेकिन 50% से अधिक आरक्षण पर कोर्ट ने रोक लगा दी क्या ये फ़ैसला भी कोर्ट से रोक लगवाने के लिये एक नौटंकी है'. उनके इस ट्वीट का अरविंद केजरीवाल ने भी समर्थन किया है. (इनपुट-भाषा से भी)

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