किन्हें मिलेगा गरीब सवर्णों के आरक्षण का लाभ और क्या हैं शर्तें, 5 अहम बातें

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फाइल फोटो

नई दिल्ली: सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के कैबिनेट के फैसले का भाजपा सहित सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आ) तथा लोजपा ने स्वागत करते हुए इसे सामाजिक न्याय के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम बताया और कहा कि इस फैसले ने सामाजिक न्याय का नया पन्ना खोला है और इससे समाज में सद्भाव बढ़ेगा । आरपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक आधार पर सवर्णों को आरक्षण दिए जाने के निर्णय का स्वागत हुए कहा कि प्रधानमंत्री.नरेंद्र मोदी जी का यह क्रांतिकारी कदम है और इससे समाज में आपसी सद्भाव बढेगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह मांग वह पिछले 20 वर्षो से कर रहे थे और एनडीए की कई बैठकों में प्रधानमंत्री के समक्ष इस विषय को लगातार उठया था. अठावले ने संवाददाताओं से कहा कि सवर्ण समाज में भी आर्थिक रूप से बहुत लोग पिछड़े हुए है और वह समाज की मुख्यधारा से वंचित है लेकिन केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद उनको राहत पहुंचेगी. उन्होंने यह भी कहा कि देश के विभिन्न प्रदेशों में अलग -अलग वर्गों के लोगों द्वारा आरक्षण दिए जाने को लेकर चल रहे आंदोलन में भी अब रोक लगेगी. उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री.नरेंद्र मोदी पर पूरा विश्वास है और भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में संसद को अधिकार है कि विधेयक लाकर कानून को संशोधित कर नया कानून बना सकती है. बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मोदी सरकार ने निर्धन सवर्णों को भी नौकरी, शिक्षा में 10% आरक्षण देने का फैसला किया है. लोकजनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान ने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्ण साथियों को 10% का आरक्षण देने का फ़ैसला आज कैबिनेट में हुआ है. 5 बड़ी बातें

  1. कैबिनेट ने फैसला किया है कि सालाना 8 लाख आमदनी या 5 एकड़ से कम खेती वाले सामान्य वर्ग को भी आरक्षण सुविधा दी जाए.
  2. आरक्षण बिल अगर पास हो गया तो इसका लाभ लाभ ब्राह्मण, राजपूत (ठाकुर), जाट, मराठा, भूमिहार, कई व्यापारिक जातियों, कापू और कम्मा सहित कई अन्य अगड़ी जातियों को मिलेगा.
  3. इसके अलावा गरीब ईसाइयों और मुस्लिमों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा.
  4. आरक्षण का लाभ लेने के लिए नगर निकाय क्षेत्र में 1000 वर्ग फुट या इससे ज्यादा क्षेत्रफल का फ्लैट नहीं होना चाहिए और गैर-अधिसूचित क्षेत्रों में 200 यार्ड से ज्यादा का फ्लैट नहीं होना चाहिए.
  5. आरक्षण का लाभ लेने के लिए जाति प्रमाणपत्र और आय प्रमाण पत्र भी देना होगा.

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