उत्तर प्रदेश: कानून व्यवस्था की खुली पोल, दो पुलिसकर्मी समेत 11 की गोली मारकर हत्या

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प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ:

उत्‍तर प्रदेश में आए दिन हो रही आपराधिक घटनाओं ने राज्य में कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. बुधवार को राज्य में हुई दो बड़ी घटनाओं में दो पुलिसकर्मियों समेत कुल 11 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पहली घटना सोनभद्र की है जहां बेखौफ दबंगों ने जमीन विवाद में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर नौ लोगों की हत्‍या कर दी. जबकि दूसरा मामला सम्‍भल का है जहां घात लगाकर बैठे बदमाशों ने दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी और तीन कैदियों को छुड़ाकर फरार हो गए. राज्‍य विधानमण्‍डल का मॉनसून सत्र शुरू होने से एक ही दिन पहले बुधवार को हुई इन वारदात के बाद से सरकार और पूरा पुलिस महकमा हरकत में है. मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने दोनों वारदात पर सख्‍त कार्रवाई के आदेश दिये हैं.

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पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने बताया कि सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र के उधा गांव में दो साल पहले ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने एक आईएएस अधिकारी से 90 बीघा जमीन खरीदी थी. यज्ञदत्त ने इस जमीन पर कब्जे के लिये बड़ी संख्‍या में अपने साथियों के साथ पहुंचकर ट्रैक्टरों से जमीन जोतने की कोशिश की. स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया. इसके बाद ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने स्‍थानीय ग्रामीणों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. उन्होंने बताया कि इस वारदात में तीन महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हो गयी और 19 अन्य जख्मी हो गये. इस मामले में ग्राम प्रधान के भतीजों गिरिजेश और विमलेश को गिरफ्तार कर लिया गया है. बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है. पुलिस महानिदेशक ने बताया कि पुलिस ने जमीन के विवाद में ग्राम प्रधान पक्ष को पूर्व में भी पाबंद किया था और उसकी सम्पत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी मजिस्ट्रेट के यहां चल रही है.उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद मध्य प्रदेश पुलिस को भी सतर्क कर दिया गया है. जरूरत पड़ने पर जमीन बेचने वाले आईएएस अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

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रोंगटे खड़े कर देने वाली यह वारदात हाल के वर्षों में प्रदेश में हुई सबसे ज्यादा रक्तपात वाली घटना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए मिर्जापुर के मण्डलायुक्त व वाराणसी जोन के अपर पुलिस महानिदेशक को घटना के कारणों की संयुक्त रूप से जांच करने के निर्देश दिये हैं. साथ ही लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय करते हुए 24 घण्टे में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिये हैं. योगी ने इस घटना में मारे गये लोगों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता का एलान किया है. उन्होंने जिलाधिकारी सोनभद्र को निर्देश दिए हैं कि वह बताएं कि ग्रामवासियों को पट्टे आखिर क्यों मुहैया नहीं कराए गए थे. इस बीच सम्भल जिले में एक अन्य दुस्साहसिक वारदात में अज्ञात बदमाशों ने दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या करके तीन कैदियों को छुड़ा लिया.

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पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद के मुताबिक कुछ कैदियों को लेकर मुरादाबाद जा रही एक वैन को अज्ञात बदमाशों ने बनियाठेर इलाके में जबरन रोक लिया और सुरक्षा में तैनात सिपाहियों हरेन्द्र और बृजपाल को गोली मार दी. इस वारदात में दोनों सिपाहियों की मौत हो गई. घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश पुलिसकर्मियों की रायफल और तीन कैदियों को साथ लेकर भाग गये. अपर पुलिस महानिदेशक (कानून—व्यवस्था) पी.वी. रामाशास्त्री ने बताया कि मुरादाबाद की जेल से पेशी पर सम्भल जिले की चंदौसी स्थित अदालत लाये गये कुल 24 मुल्जिमों को वापस मुरादाबाद जेल ले जाया जा रहा था. रास्ते में शाम करीब पांच बजकर 20 मिनट पर बनियाठेर थाना क्षेत्र के धन्नूमल तिराहे के पास अज्ञात बदमाशों ने घात लगाकर इस वारदात को अंजाम दिया. मुख्‍यमंत्री योगी ने इस वारदात में शहीद हुए दोनों पुलिसकर्मियों के परिजन को 50-50 लाख रुपये की सहायता और प्रत्येक शहीद पुलिसकर्मी की पत्नी को असाधारण पेंशन व परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी दिए जाने के भी आदेश दिए हैं.

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विधानमण्‍डल का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले कानून-व्‍यवस्‍था के सामने चुनौती पेश करती इन वारदात ने विपक्ष को भी सरकार पर हमले का मौका दे दिया. सपा प्रमुख एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सूबे की भाजपा सरकार पर अपराधियों के आगे नतमस्तक होने का आरोप लगाया.
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि अपराधियों के आगे नतमस्तक भाजपा सरकार में एक और नरसंहार! सोनभद्र में भू—माफियाओं द्वारा जमीन विवाद में नौ लोगों की हत्या दहशत एवं दमन का प्रतीक! उन्होंने वारदात में मारे गये सभी लोगों के परिजन को 20—20 लाख रुपये मुआवजा देने के साथ—साथ दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की. (इनपुट भाषा से)

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