इन कारणों से हरमनप्रीत और स्मृति ने किया बीसीसीआई से रमेश पोवार को बरकरार रखने का अनुरोध

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हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना

नई दिल्ली: कोच रमेश पोवार के कार्यकाल के विवादास्पद अंत के बाद सोमवार को भारतीय क्रिकेट टीम भी बंटी हुई नजर आई जब टी20 कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप कप्तान स्मृति मंधाना ने सीनियर खिलाड़ी मिताली राज के साथ मतभेद के बावजूद कोच की वापसी की मांग की. प्रशासकों की समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय ने हरमनप्रीत और स्मृति ने पोवार को 2021 तक कोच बनाने का समर्थन किया है. पोवार का अंतरिम कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हुआ और बीसीसीआई पहले ही इस पद के लिए नए आवेदन मांग चुका है. पोवार दोबारा आवेदन करने के लिए स्वतंत्र हैं. बहरहाल, हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना के बोर्ड को पत्र लिखने के बाद यह देखना बहुत ही रुचिकर होगा कि बीसीसीआई इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है. निश्चित ही, इन दोनों का यह पत्र लिखना बोर्ड पर दबाव लेकर आएगा.

NEWS: @ImHarmanpreet and @mandhana_smriti to appear in @WBBL
Details – https://t.co/YSwExfgV0t

— BCCI Women (@BCCIWomen) November 27, 2018

राय ने कहा कि हां, उन्होंने पत्र लिखा है कि वे चाहते हैं कि रमेश पोवार अपने पद पर बने रहें. हरमनप्रीत और स्मृति ने पोवार का कार्यकाल बढ़ाने का समर्थन किया है लेकिन पता चला है कि एकता बिष्ट और मानसी जोशी के अलावा एकदिनी कप्तान मिताली उन्हें दोबारा यह पद सौंपने के खिलाफ हैं. सोमवार को हरमनप्रीत ने पोवार के समर्थन में पत्र लिखा. इस पत्र में हरमनप्रीत ने कहा कि टी20 कप्तान और एकदिनी उप कप्तान के रूप में मैं आपसे अपील करती हूं कि पोवार को हमारी टीम के कोच के रूप में आगे भी बरकार रहने की स्वीकृति दी जाए. अगले टी-20 विश्व कप में बामुश्किल 15 महीने और न्यूजीलैंड दौरे पर जाने के लिए एक महीना है. एक टीम के रूप में वे जिस तरह हमारे अंदर बदलाव लाए हैं उसे देखते हुए मुझे उन्हें बदलने का कोई कारण नजर नहीं आता.
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बीसीसीआई के पदाधिकारियों को भी भेजे गए इस पत्र में हरमनप्रीत और स्मृति ने कहा है कि अगस्त में पोवार की पूर्णकालिक कोच के रूप में नियुक्ति के बाद से टीम में काफी सुधार हुआ है. हरमनप्रीत ने कहा कि सेमीफाइनल में हमारी हार दिल तोड़ने वाली थी और यह देखकर हमारी परेशानी और बढ़ गई कि आखिर कैसे हमारी छवि को नुकसान पहुंचाया गया. उन्होंने कहा कि रमेश पोवार सर ने ना सिर्फ खिलाड़ी के रूप में हमारे अंदर सुधार किया बल्कि हमें प्रेरित किया कि हम खुद को चुनौती देने के लिए लक्ष्य बनाएं.

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Ramesh Powar's Tenure Ends, BCCI Invites Applications For Women's Team Coach!#RameshPowar#MithaliRaj#HarmanpreetKaur#SmritiMandhana#BCCI#BCCIWomenpic.twitter.com/GlrZvKFvy0

— Indian Women Cricket (@BCCI_Women) November 30, 2018

उन्हें तकनीकी और रणनीतिक रूप से भारतीय महिला क्रिकेट टीम के चेहरे में बदलाव किया. वह हमारे अंदर जीत की धारणा लेकर आए. हरमनप्रीत ने साथ ही दोहराया कि मिताली को बाहर करना टीम प्रबंधन का फैसला था. उन्होंने कहा कि मिताली राज को बाहर करने के संदर्भ में, रमेश पोवार अकेले इसके लिए जिम्मेदार नहीं थे. उस समय की जरूरत को देखते हुए मैंने, स्मृति, चयनकर्ता (सुधा शाह) और कोच ने हमारे मैनेजर की मौजूदगी में महसूस किया कि हमें विजयी संयोजन के साथ उतरना चाहिए.
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स्मृति ने भी इस विवादास्पद मामले में हरमनप्रीत के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि पोवार ने उन्हें बेहतर क्रिकेटर बनाया. उन्होंने कहा कि पोवार के आने के बाद से, उन्होंने सहयोगी स्टाफ के साथ मिलकर एक टीम के रूप में हमारा मनोबल बढ़ाया जिससे हम लगातार 14 टी20 मैच जीतने में सफल रहे. उन्होंने खिलाड़ियों को आत्मविश्वास दिया.
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