आजादी की 75वीं सालगिरह पर भारत को तोहफा, 2022 में जी-20 सम्मेलन की मिली मेजबानी

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भारत को मिली जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी.

ब्यूनस आयर्स: साल 2022 में भारत जी-20 शिखर सम्मेलन ( G20 Summit) की मेजबानी करेगा. जी-20 के मौजूदा सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने इटली से गुजारिश की थी कि वह 2021 में इस सम्मेलन की मेजबानी करे, ताकि 2022 का मौका भारत को मिले. पीएम मोदी ने कहा कि इटली समेत दूसरे देश इसपर राजी हो गए हैं. बता दें कि इसी साल भारत अपनी आजादी की 75वीं सालगिरह मनाएगा. इस महत्वपूर्ण समूह की बैठक की मेजबानी मिलने को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि मैं आभारी हूं और 2022 में दुनियाभर की लीडरशिप को भारत आने के लिए आमंत्रित करता हूं.

PM Modi at #G20Summit: It's India's 75th Independence Day in 2022 & we had requested Italy if we can get '22 instead of '21 (for hosting G20 summit).They accepted our request, others accepted it too.I'm grateful & I invite leadership from across the world to come to India in 2022 pic.twitter.com/5vl6yFe2HP

— ANI (@ANI) December 1, 2018

बता दें कि इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने वैश्विक और बहुपक्षीय हितों के बड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अपनी पहली त्रिपक्षीय बैठक को लेकर जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की. रणनीतिक महत्व के हिंद – प्रशांत क्षेत्र में चीन के अपनी शक्ति प्रदर्शित करने के मद्देनजर यह बैठक काफी मायने रखती है.
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पीएम मोदी ने साझा मूल्यों पर साथ मिलकर काम जारी रखने पर जोर देते हुए कहा , ‘‘जेएआई (जापान, अमेरिका, भारत) की बैठक लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित है…‘जेएआई' का अर्थ जीत शब्द से है.'' प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह बैठक तीन राष्ट्रों की दूरदृष्टि का समन्वय है. जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि वह प्रथम ‘‘जेएआई त्रिपक्षीय '' में भाग लेकर खुश हैं.
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डोनाल्ड ट्रंप ने बैठक में भारत के आर्थिक विकास की सराहना की. तीनों नेताओं ने संपर्क, सतत विकास, आतंकवाद निरोध और समुद्री एवं साइबर सुरक्षा जैसे वैश्विक एवं बहुपक्षीय हितों के सभी बड़े मुद्दों पर तीनों देशों के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने हिंद – प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून एवं सभी मतभेदों के शांतिपूर्ण हल पर आधारित मुक्त, खुला, समग्र और नियम आधारित व्यवस्था की ओर आगे बढ़ने पर अपने विचार साझा किए. मोदी, ट्रंप और आबे बहुपक्षीय सम्मेलनों में त्रिपक्षीय प्रारूप में बैठक करने के महत्व पर भी सहमत हुए.
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