आखिर उपेन्द्र कुशवाहा क्यों नहीं छोड़ना चाहते NDA…

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उपेंद्र कुशवाहा (फाइल फोटो)

पटना: बिहार में और खासकर बिहार एनडीए के भीतर जिस तरह से सीटों के बंटवारे को लेकर उठा-पटक देखने को मिल रही है, उससे अभी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. हालांकि, ऐसा लगने लगा है कि केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा एनडीए छोड़ना नहीं चाहते हैं. उनके बयानों से ऐसा लग रहा है कि अपने अपमान के बावजूद जनता की मांगों के समर्थन में कुशवाहा सीटों की संख्या जैसे मुद्दे को दरकिनार करने के लिए तैयार हैं. दरअसल उपेंद्र कुशवाहा ने शिक्षा में सुधार को आधार बनाकर एक नया राजनीतिक पासा फेंका है और उनकी मांग है कि इस संबंध में उनकी 25 सूत्री मांगों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मान लें.
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सोमवार को पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में कुशवाहा ने इसी मुद्दे पर कहा कि जब से वे केंद्रीय मंत्री हैं, बिहार में शिक्षा के सुधार के लिए उन्होंने भरसक प्रयास किया. हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी आरोप लगाया कि राज्य में केंद्रीय विद्यालय खोलने को लेकर सीएम का रवैया न करेंगे, न करने देंगे जैसा था. जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ताओं द्वारा अपने ऊपर निष्क्रिय होने के आरोप पर कुशवाहा ने सफ़ाई दी और कहा कि अगर यह साबित हो गया तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा. इस संवादाता सम्मेलन में कुशवाहा ने बिंदुबार अपने ऊपर लगे सभी आरोपों पर सफ़ाई दी.
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टिप्पणियां उपेंद्र कुशवाहा के रवैए से साफ़ है कि वो एनडीए में रहना भी चाहते हैं लेकिन साथ-साथ हर दिन नीतीश कुमार पर एक ना एक आरोप भी लगाते रहना चाहते हैं. जिससे उन्हें मीडिया में प्रमुखता से स्थान मिलता रहे. हालांकि उन्हें इस बात का अंदाजा है कि बिहार में एनडीए के कोई भी घटक दल अब उन्हें साथ रखकर राजनीति नहीं करना चाहते, क्योंकि उनके जाने पर सीटों का फ़ायदा सभी दलों को होगा.
VIDEO: तेजस्वी से मुलाकात पर कुशवाहा की सफाई
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