अमेरिकी पर्यटक के शव को ढूंढ़ने के लिए अब आदिवासियों के धार्मिक तौर-तरीकों का अध्ययन कर रही है पुलिस

5
- Advertisement -

अमेरिकी पर्यटक चाऊ के शव की तलाश में जुटी अंडमान पुलिस

पोर्ट ब्लेयर: अमेकिरी पर्यटक जॉन चाऊ (John Allen Chau) की हत्या के पांच दिन बाद भी अंडमान पुलिस (Andaman Nicobar Police)के हाथ खाली हैं. बीते पांच दिनों में पुलिस ने विशेषज्ञों की राय लेने से लेकर तमाम तरीके अपनाए हैं लेकिन इन सब के बाद भी पुलिस चाऊ के शव का पता नहीं लगा सकी है. पुलिस चाऊ (John Allen Chau) के शव को ढूंढ़ने के लिए एक और प्रयास करने जा रही है. इसके लिए बकायदा पुलिस सेंटीनल द्वीप पर रहने वाली सेंटिनलीज जनजाति के धार्मिक तौर तरीकों का पता लगाने में जुटी है. ताकि वह इसकी मदद से यह पता लगे सकी कि आदिवासियों ने चाऊ के शव को कहां रखा होगा. इसके लिए भी पुलिस विशेषज्ञों की मदद ले रही है.
यह भी पढ़ें: जानिए कौन थे सेंटीनल द्वीप में मारे गए John Allen Chau?
गौरतलब है कि इससे पहले पुलिस ने अमेरिकी पर्यटक जॉन एलेन चाऊ के शव को ढूंढ़ने के लिए मनोविज्ञानिक और विशेषज्ञों की मदद भी ली गई थी. बता दें कि अमेरिकी पर्यटक अंडमान निकोबार द्वीप समूह घूमने आया था.अंडमान निकोबार पुलिस के डीजीपी देपेंद्र पाठक ने कहा कि पुलिस विशेषज्ञों की मदद ले रहे हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस जॉन एलेन चाऊ द्वारा 13 पन्नों में लिखे गए उनके यात्रा वृतांत को भी एक सबूत के तौर पर देख रही है. और इस कोशिश में जुटी है कि इसकी मदद से उनके आखिरी लोकेशन के बारे में पता लगाया जा सके.
यह भी पढ़ें: अमेरिकी टूरिस्ट ने सेंटीनल द्वीप जाने के लिए दिए थे 25 हजार रुपए
टिप्पणियां चाऊ की हत्या को लेकर पहले कहा गया था कि उनकी हत्या तीर मारकर की गई है लेकिन अडमान पुलिस के पीआरओ जतिन नरवाल ने बुधवार को कहा कि इस मामले की अभी जांच चल रही है, जांच पूरी होने तक कुछ भी कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी.वहीं अडमान पुलिस के डीजीपी देपेंद्र पाठक ने कहा कि हमनें इस मामले में अभी तक मनोविज्ञान के जानकार, वन विभाग औऱ कई अन्य विशेषज्ञों से संपर्क किया है ताकि हम घटना वाली जगह पर पहुंच सकें और चाऊ को शव को ढूंढ सकें.
VIDEO: डूबने से 21 लोगों की मौत.
इससे पहले खबर आई थी कि अंडमान निकोबार द्वीप समूह के नोर्थ सेंटीनल द्वीप पर सेंटिनलीज जनजाति द्वारा मारे गए अमेरिकी पर्यटक ने वहां तक पहुंचने के लिए मछुआरों को 25 हजार रुपए दिए थे. अभी तक उसका शव मिल नहीं पाया है, अंदाजा लगाया जा रहा है कि सेंटिनलीज जनजाति के लोगों ने उसे दफना दिया. उसके शव को ढूंढ़ने की कोशिश की जा रही है, लेकिन प्रशासन को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है.
Source Article

- Advertisement -